Sood Jyotish

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15/06/2024
15 मई, 2024 को मां बगलामुखी जयन्ती है। इस बारे में सूद ज्योतिष से संदीप कुमार एस्ट्रोलोजर से जानकारी प्राप्त करें। मां ब...
12/05/2024

15 मई, 2024 को मां बगलामुखी जयन्ती है। इस बारे में सूद ज्योतिष से संदीप कुमार एस्ट्रोलोजर से जानकारी प्राप्त करें। मां बगलामुखी जयंती हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है। साल 2024 में बगलामुखी जयंती 15 मई को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में मां बगलामुखी को तंत्र की देवी माना जाता है. मां बगलामुखी को पीतांबरा या ब्रह्मास्त्र विद्या के नाम से भी जाना जाता है।

मां बगलामुखी की उपासन क्यों की जाती है ?:-
बगलामुखी मां की साधना शुत्रओं पर विजय प्राप्ति, भय मुक्ति, वाद-विवाद में विजय और वाक सिद्धि के लिए किया जाता है। तांत्रिक क्रियाओं के लिए भी मां पीतांबरा की साधना होती है। मां की कृपा से भक्त सभी प्रकार की बाधाओं से दूर होता है। जीवन में खुशहाली बनी रहती है। न्याय की देवी बगलामुखी अपने भक्तों को सदैव न्याय दिलाती हैं। वह अपने भक्तों की सभी समस्याओं का निदान करती हैं और उनकी हर मनोकामना को पूर्ण भी करती है। देवी बगलामुखी की उपासना करने से भक्त के विवाह में आ रही सभी समस्याएं स्वतः ही समाप्त हो जाती है। मां बगलामुखी की पूजा से विवाह होने में रही समस्यायों को दूर हो जाती हैं।
बगलामुखी जयंती, बगलामुखी माता के अवतार दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। जिन्हें माता पीताम्बरा या ब्रह्मास्त्र विद्या भी कहा जाता है। उसके पास पीले रंग के कपड़े के साथ माथे पर सुनहरे रंग का चंद्रमा है। माँ की पूजा दुश्मन को हराने, प्रतियोगिताओं और अदालत के मामलों को जीतने के लिए जानी जाती हैं।

मां बगलामुखी की विशेष कृपा के लिए क्या भोग चढाना चाहिए ?:-
अगर आप मां बगलामुखी की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो जैसा कि हमने पहले भी बताया कि मां बगलामुखी को पीला रंग बहुत पसंद है इसलिए अपने घर के उत्तर दिशा में पीला कपड़ा पहनकर माता की फोटो रखें और फिर पीले रंग के फूलों से उनकी सच्चे मन से और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करें. साथ ही भोग के रूप में बेसन का लड्डू जरूर चढ़ाएं। पीले फूल और नारियल चढाने से देवी प्रसन्न होतीं हैं। देवी को पीली हल्दी के ढेर पर दीप-दान करें, देवी की मूर्ति पर पीला वस्त्र चढाने से बड़ी से बड़ी बाधा भी नष्ट होती हैं।,

माँ बगलामुखी मंत्र स्वाधिष्ठान चक्र की कुंडलिनी जागृति के लिए उपयोग करते हैं। भक्त इस दिन अन्न का दान करते हैं, तथा माँ मंगलग्रह से संबंधित समस्याओं की समाधान देवी हैं। बगला एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ दुल्हन है, अर्थात दुल्हन की तरह आलौकिक सौन्दर्य और अपार शक्ति की स्वामिनी होने के कारण देवी का नाम बगलामुखी पड़ा। देवी को बगलामुखी, पीताम्बरा, बगला, वल्गामुखी, वगलामुखी, ब्रह्मास्त्र विद्या आदि नामों से भी जाना जाता है। माँ बागलमुखी मंत्र कुंडलिनी के स्वाधिष्ठान चक्र को जागृति में सहयता करतीं हैं। देवी बगलामुखी का सिंहासन रत्नो से जड़ा हुआ है और उसी पर सवार होकर देवी शत्रुओं का नाश करती हैं। देवी बगलामुखी दसमहाविद्या में आठवीं महाविद्या हैं यह स्तम्भन की देवी हैं। संपूर्ण ब्रह्माण्ड की शक्ति का समावेश हैं माता शत्रुनाश, वाकसिद्धि, वाद विवाद में विजय के लिए इनकी उपासना की जाती है। इनकी उपासना से शत्रुओं का नाश होता है तथा भक्त का जीवन हर प्रकार की बाधा से मुक्त हो जाता है। कहा जाता है कि देवी के सच्चे भक्त को तीनों लोक मे अजेय है, वह जीवन के हर क्षेत्र में सफलता पाता है।
राजेश अग्रवाल
सूद ज्योतिष
8979560445

22/03/2024

सूूद ज्योतिष से जाने पावन पर्व होली के दिन किए जाने उपायों के बारे में, होली दहन के दिन कुछ उपाय किए जाते हैं जोकि आपकी जिन्दगी में से नकारात्मकता हटाकर, खुशिया भर देंगे। कुछ सटीक और काम करने उपाय का विवरण निम्न प्रकार हैः-
होली के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शिव के मंदिर में जाकर पान के पत्ते पर खड़ी सुपारी और हल्दी की गाँठ रखकर भोलेनाथ को अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है और धन लाभ होता है। होली के दिन शिवलिंग के पास देसी घी का दीया भी अवश्य जलाएं।
होली वाले दिन नौ नींबूओं को एक माला में गूंथकर भैरव बाबा के मंदिर में अर्पित करें। ऐसा करने से जल्द ही धन लाभ होता ही और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है।

संतान प्राप्ति का उपायः-
-होली की रात श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के सामने घी के दो दीपक जलाएं.
-उन्हें माखन मिश्री का भोग लगाएं.
-108 बार कृष्ण-कृष्ण का कृष्ण का जाप करें तथा भगवान कृष्ण से संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें.

धन प्राप्ति के उपायः-
-होली के दिन हनुमान जी की विशेष पूजा करें.
-होली की रात लाल वस्त्र धारण करें.
-हनुमान जी के सामने घी का दीपक जलाएं.

खुशहाल वैवाहिक जीवन कि लिए उपायाः-
-होली की शाम केवल चावल चीनी और दूध से खीर बनाएं. ये खीर भगवान शिव को अर्पित करें. पति-पत्नी एक साथ उस खीर को ग्रहण करें.

प्रेम में सफलता के लिए उपायः-
-होली की रात राधा कृष्ण को गुलाब के फूलों की माला चढ़ाएं.
-एक बार मधुराष्टक का पाठ करें.
-आज के दिन काले रंग के वस्त्र धारण ना करें,

खुशहाली और शांति के लिए उपायः-
-एक लोटे में जल ले लें और उसमें सफेद फूल डालें. इसी जल से चंद्रमा को अर्घ्य दें. इसके बाद मन की शांति की प्रार्थना करें.

बढ़िया स्वास्थ के लिए उपायः-
-होली की रात सफेद वस्त्र धारण करें.
-हल्की सी चंदन या गुलाब की सुगंध लगाएं.
-ऊं सोम सोमाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें.

यह जानकारी आपको सूद ज्योतिष से उपलब्ध कराई जा रही है। यदि आप अन्य कोई भी जानकारी चाहते हैं तो हमें 8979560445 पर मैसेज करें। आज ही अपनी फ्री कुन्डली, वह भी बिल्कुल सटीक गणना के साथ आज ही प्राप्त करें। सोशल मीडिया पर उपलब्ध तथा ज्योतिष की फ्री एप से अधिक एकुरेट गणना के साथ कुन्डली बनाई जाएगी।

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ELECTION SPECIAL: सूद ज्योतिष से ज्योतिषाचार्य संदीप कुमार भारत की इस समय चल रही राजनैतिक स्थिति का ज्योतिषीय विष्लेषण क...
16/03/2024

ELECTION SPECIAL:
सूद ज्योतिष से ज्योतिषाचार्य संदीप कुमार भारत की इस समय चल रही राजनैतिक स्थिति का ज्योतिषीय विष्लेषण कर रहे हैं। जैसा कि नरेन्द्र मोदी जी का जन्म 17 सितम्बर, 1950 को प्रातः 11 बजे, महसाना में रविवार के दिन हुआ है। इस जन्मतिथि के आधार पर वृश्चिक लग्न तथा वृश्चिक राशि की कुन्डली का निमार्ण होता है। संदीप कुमार जी के अनुसार मोदी जी की कुन्डली के लग्न में मंगल-चन्द्रमा की युक्ति लग्नेश को विशेष बल देती है। लग्नेश का लग्न में होना मोदी जी को विशेष गुणों से भर देता है। जिस कारण मोदी जी कर्मठ तथा किसी भी कार्य को करने की क्षमता को अन्य की तुलना में अधिक रखता है। मोदी जी की कुन्डली के लग्न में चन्द्रमा नीच राशि का होने के कारण, लग्नेश का जीरो डिग्री का होना और साथ ही साथ लग्न का बलहीन होने के उपरान्त भी देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होना, अन्तराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त करना, उन अल्पज्ञानी ज्योतिषीयों को आइना दिखाता है जोकि यह सोशल मीडिया पर रात-दिन यह कहते हैं कि कमजोर लग्न के व्यक्तियों को सफलता पाने में कठिनाओं का सामना करना पड़ता है और इस आधार पर गलत भविष्यवाणी करते हैं। मोदी जी की कुन्डली में सूर्य का एकादश भाव में केतू के साथ ग्रहण दोष इस बात का खंडन करता है कि ग्रहण दोष से पीड़ित जातक (सूर्य-केतु की युक्ति से ग्रहण दोष बनने पर) कभी उचाईंयों को नहीं प्राप्त कर सकता, पंचमेश राहू ज्ञान तथा शिक्षा के घर में बैठकर, उच्च शिक्षा प्राप्त किए बिना भी जातक को शिखर पर पहुंचा सकता है, जोकि मोदी जी के साथ होते हुए देखा जा सकता है। सूद ज्योतिष से संदीप कुमार जी का कहना है कि प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं है, इसलिए मोदी जी कुन्डली से ज्योतिष के क्षेत्र में सीख रहे व्यक्तियों को नए-नए प्रयोग करने का अवसर भी मिल रहा है।
यदि गोचर देखें तो 11 मार्च, 2024 वाले दिन मंगल, मकर राशि में 27 डिग्री का था, जोकि ज्योतिषीय दृष्टि से अतिबली माना जाता है, अतिबली मंगल अपनी उच्च राशि में होने के कारण 11 मार्च, 2024 से आगे का समय वर्तमान सरकार में उच्च शिखर पर बैठे कुछ व्यक्तियों कोे, स्टेट बैंक आॅफ इण्डिया के ज्वलंत केस में कोर्ट की अवेहलना करने पर भाजपा सरकार को अपमानजनक स्थिति तथा आने वाले समय में भाजपा के प्रतिष्ठित नेताओं को कारावास का संकेत दे रहा है।
वर्तमान समय में सूर्य का मीन राशि में आगमन होना, राहू के साथ युक्ति पंचम स्थान में होना मोदी जी की कुन्डली में सूर्य-बुध-राहू पंचमेश होकर एक बहुत विकट स्थिति का निर्माण करते हैं, जिसके कारण भविष्य में कुछ बड़े राज जनता के सामने आनेे की और संकेत करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप विपक्ष मोदी जी की छवि को धूमिल करनेे का पूर्ण प्रयास करेगा क्योंकि मोदी जी की कुन्डली में जन्मकालीन राहू मीन राशि में विद्यमान है और गोचर में राहू मीन राशि में है, वहां पर सूर्य की स्थति एक माह के लिए ग्रहण दोष बनाएगी, जिसके कारण मोदी जी के लिए यह समय हानिकारक रहेगा। संदीप कुमार जी कहना है कि वर्तमान प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जी के लिए 7 जुलाई, 2023 तक समय बहुत अच्छा रहा लेकिन 7 जुलाई, 2023 के बाद से लेकर 27 मई, 2025 तक का कोई नार्थ-ईस्ट में बड़ा विवाद, दंगा, आगजनी होने की सम्भावनाएं बनती है और पंजाब प्रान्त से कोई बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। जिसका समाधान करने में अतयन्त कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से ग्रहों की विपरीत स्थिति को देखते हुए, वर्तमान समय में मोदी जी के लिए और साथ ही साथ भारत के लिए भी एक साल से अधिक का समय सही नहीं रहेगा। ग्रहों की चाल को देखते हुए आने वाला समय वर्तमान में होने वाले लोकसभा चुनावों को पूर्णतः प्रभावित करेगा। जिसके परिणामस्वरूप भाजपा की सोच वाला जादूई नारा ’इस बार 400 पार’ पूरा होता हुआ नहीं दिख रहा। सूद ज्योतिष से संदीप कुमार जी की माने तो उनके ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भाजपा 230 सीटों के नजदीक ही सिमट कर रह जाएगी। इसलिए इस बार उसे सरकार बनाने के लिए अन्य दलों की सर्पोट की आवश्यकता होगी। वर्तमान में ग्रहों का गणना के आधार पर शत-प्रतिशत निश्चित होकर कहा जा सकता है कि चुनाव की तिथि की घोषणा होने के बाद भी, चुनाव होने की तिथि में परिवर्तन सम्भव होता दिखाई दे रहा है। संदीप कुमार जी की ज्योतिषीय गणना के अनुसार मोदी जी के सामने कोई संघ से ही प्रधानमन्त्री पद का मजबूत दावेदार खड़ा हो सकता है, जिसके निर्दलीय होने की सम्भावना पर इन्कार नहीं किया जा सकता। संदीप कुमार जी के ज्योतिषीय आकलन के अनुसार आने वाले समय में भाजपा पार्टी का विघटन होकर दो भागों में बंटने की सम्भावना भी दिख रही हैं। संदीप कुमार जी की गणनाओं के अनुसार निश्चित दृष्टिकोण से स्पष्ट हो रहा है कि वर्तमान प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को किसी अन्य मकर राशि वाले व्यक्ति ( जैसे ज, ख आदि अक्षर से प्रारम्भ होने वाले नाम) द्वारा प्रधानमन्त्री की दावेदारी के लिए मजबूत टक्कर मिलने की पूर्ण सम्भावनाएं हैं।

SANDEEP KUMAR

SOOD JYOTISH

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सूद ज्योतिष के ज्योतिषाचार्य संदीप कुमार के अनुसार फरवरी माह 2024 में गुरु-पुष्य नक्षत्र का योग बन रहा है। पुष्य राशि चक...
21/02/2024

सूद ज्योतिष के ज्योतिषाचार्य संदीप कुमार के अनुसार फरवरी माह 2024 में गुरु-पुष्य नक्षत्र का योग बन रहा है। पुष्य राशि चक्र का आठवां नक्षत्र है। संस्कृत में पुष्य का अर्थ होता है पालन करने वाला। नक्षत्रों के राजा पुष्य का योग 22 फरवरी गुरुवार को सूर्योदयकाल से लेकर शाम 4 बजकर 44 मिनट तक ही रहेगा। इसलिए इस समय तक अपने शुभ कार्य और वांछित खरीदारी अवश्य कर लें। ज्योतिष शास्त्र में गुरु-पुष्य नक्षत्र को महामुहूर्त की मान्यता है। इस नक्षत्र में प्रारंभ किए गए कार्यों का फल बहुत उत्तम प्राप्त होता है। पुष्य नक्षत्र स्थायी होता है अतः इस दिन किए गए कार्यों में स्थायित्व का भाव मौजूद होता है। इस कारण से यदि आपको कुछ ऎसे काम करने हैं, जिनमें आप जल्द से बदलाव की इच्छा न रखते हों ओर उसकी स्थिरता की चाह रखते हों तो यह नक्षत्र में करना बेहतर होता है। इस अति शुभ योग के दिन सोना, चांदी, भूमि, भवन, वाहन तथा इलैक्ट्राॅनिक्स के सामान की खरीदारी स्थायी समृद्धि प्रदान करती है। यह ध्यान देने योग्य बात है कि जो व्यक्ति गुरू-पुष्य नक्षत्र में मंहगी खरीदारी नहीं कर सकते तो वह व्यक्ति बाजार से साबुत हल्दी खरीदकर लाए तथा अपनी किचिन में लाकर अवश्य रख लें। खरीदारी के अतिरिक्त गुरु-पुष्य नक्षत्र का शुभ योग विवाह, गृह प्रवेश, अन्नप्राशन, नामकरण जैसे सभी मांगलिक कार्य तथा नए प्रतिष्ठान के शुभारंभ के लिए भी सर्वश्रेष्ठ दिन है। गुरु-पुष्य की साक्षी में शुभ कार्य करने के लिए मुहूर्त देखने की भी आवश्यकता नहीं होती, यह स्वयं सिद्ध मुहूर्त है।
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मैं ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञ संदीप आपसे कुछ कहना चाहता हूं। मैंने अपने गुरु श्री अमर जीत सूद जी के नाम पर सूद ज्य....

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