31/12/2025
✍️ CA (Adv) Chetan Goyal | Gst-Surgeon's | C A V A AND ASSOCIATES (Chartered Accountants)
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⭐ हर Business के लिए 4 बड़ी सीख
❗ Excise का comfort, GST में risky हो सकता है
❗ “Same product” हमेशा safe argument नहीं
❗ GST ingredient नहीं, USE देखता है
❗ Section 74 हर गलती पर नहीं लगाया जा सकता
🕶️ पुराना चश्मा उतारिए साहब…
GST का ज़माना है!
जो सालों से आँखों पर चढ़ा था,
अब थोड़ा धुंधला हो चुका है।
क्योंकि “Manufacturing” की परिभाषा
अब नए सिरे से पढ़नी होगी। 📖
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⭐ “जो चल रहा है, वही सही है…”
(𝗧𝗵𝗲 𝗖𝗼𝗺𝗳𝗼𝗿𝘁 𝗭𝗼𝗻𝗲)
सालों तक To***co Industry ने
एक ही बात मानी, एक ही राग अलापा—
❗ Bulk to***co लिया
❗ छोटे retail pouches में पैक किया
❗ और मान लिया — यह तो Unmanufactured To***co ही है
Excise law में भी यही लिखा था,
practice में भी यही चलता रहा।
🎶 “जो चल रहा है, वही सही है…” 🎶
— यही mindset बन गया था।
लेकिन फिर GST की
⚡ धमाकेदार entry हुई!
● ● ●
जैसे किसी पुरानी फिल्म में
अचानक ज़बरदस्त twist आ जाता है…
वैसे ही GST आया।
🔥 वही मशीनें
🔥 वही process
🔥 वही हाथ
🔥 वही product
और GST ने साफ कहा—
❝ साहब, इसे सिर्फ packing मत समझिए…
अब यह 𝗠𝗔𝗡𝗨𝗙𝗔𝗖𝗧𝗨𝗥𝗘 है! ❞
🎶
मंज़िल वही थी,
रास्ता भी वही था,
बस GST ने मुक़ाम का नाम बदल दिया…
🎶
यहीं से शुरू होती है
आज की कहानी। 🎬
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⭐ मामला क्या था?
(𝗧𝗵𝗲 𝗖𝗼𝗿𝗲 𝗗𝗶𝘀𝗽𝘂𝘁𝗲)
बात थी—
𝗡𝗼𝗻-𝗳𝗲𝗿𝗺𝗲𝗻𝘁𝗲𝗱, 𝗻𝗼𝗻-𝗹𝗶𝗾𝘂𝗼𝗿𝗲𝗱 𝗰𝗿𝘂𝘀𝗵𝗲𝗱 𝘁𝗼𝗯𝗮𝗰𝗰𝗼 𝗹𝗲𝗮𝘃𝗲𝘀 की।
Process simple था 👇
❗ Gunny bags (Bulk) से माल निकालना
❗ छोटे retail pouches में pack करना
Facts भी साफ थे—
❌ कोई चूना नहीं
❌ कोई flavour नहीं
❌ कोई नया ingredient नहीं
व्यापारी इसे
𝗧𝗮𝗿𝗶𝗳𝗳 𝗛𝗲𝗮𝗱𝗶𝗻𝗴 𝟮𝟰𝟬𝟭 (𝗨𝗻𝗺𝗮𝗻𝘂𝗳𝗮𝗰𝘁𝘂𝗿𝗲𝗱 𝗧𝗼𝗯𝗮𝗰𝗰𝗼)
में classify कर रहे थे।
लेकिन Department अड़ गया—
👉 “अब यह 𝗖𝗵𝗲𝘄𝗶𝗻𝗴 𝗧𝗼𝗯𝗮𝗰𝗰𝗼 है!”
👉 “𝗛𝗲𝗮𝗱𝗶𝗻𝗴 𝟮𝟰𝟬𝟯 लगेगा!”
👉 “और Cess… बहुत ज़्यादा!”
बस…
🚂 यहीं से विवाद की गाड़ी Court की दहलीज तक पहुँची। ⚖️
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⭐ 𝗚𝘂𝗷𝗮𝗿𝗮𝘁 𝗛𝗶𝗴𝗵 𝗖𝗼𝘂𝗿𝘁 का साफ़ और सधा हुआ नज़रिया
माननीय Gujarat High Court ने
पुराना चश्मा उतारकर
सीधी बात कही—
⚠️ GST में “Manufacture” की परिभाषा
Excise जैसी नहीं है।
पुराने Excise-era logic को
GST में mechanically fit नहीं किया जा सकता।
𝗖𝗼𝘂𝗿𝘁 ने 𝗖𝗚𝗦𝗧 𝗔𝗰𝘁 की 𝗦𝗲𝗰𝘁𝗶𝗼𝗻 𝟮(𝟳𝟮) देखी
और सिर्फ एक सवाल पूछा—
👉 क्या इस process के बाद product का
Name, Character और Use बदल गया?
जवाब था—
हाँ। ✅
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क्यों?
1️⃣ उपयोगिता (𝗨𝘀𝗮𝗯𝗶𝗹𝗶𝘁𝘆)
Gunny bag वाला कच्चा तंबाकू
सीधे chewing के लिए तैयार नहीं था।
❚❚
2️⃣ प्रोसेसिंग (𝗣𝗿𝗼𝗰𝗲𝘀𝘀𝗶𝗻𝗴)
Processing के दौरान—
❗ सुखाया गया (moisture हटाने के लिए)
❗ साफ किया गया (धूल-मिट्टी हटाने के लिए)
❗ छाना और काटा गया
❗ फिर retail pouches में pack किया गया
👉 Result?
अब वह chewable बन गया।
❚❚
3️⃣ खुद का इकरार (𝗦𝗲𝗹𝗳-𝗘𝘃𝗶𝗱𝗲𝗻𝗰𝗲)
Pouch पर लगी Statutory Warning (Chewing To***co)
खुद सच्चाई बता रही थी।
❚❚
इसीलिए Court ने कहा—
👉 GST की नज़र में यह Manufacture है
👉 और classification Chewing To***co (2403) सही है।
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⭐ लेकिन Taxpayer को राहत कहाँ मिली?
कहानी में twist यहीं आया।
Court ने Department को
आईना दिखाया—
❌ यह Fraud का case नहीं है
❌ सालों की पुरानी industry practice को
अचानक Suppression नहीं कहा जा सकता
इसलिए—
✔️ Section 74 (Extended Period) नहीं चलेगा
✔️ Demand केवल Section 73 (Normal Period) तक सीमित रहेगी
🪔 “दूध का जला,
छाछ भी फूँक-फूँक कर पीता है।” 🪔
अब इंडस्ट्री को अपने क्लासिफिकेशन को लेकर और भी सतर्क रहना होगा।
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⭐ चलते-चलते एक ज़रूरी बात
जैसे हर नदी-नाले की गहराई एक जैसी नहीं होती,
वैसे ही GST में classification का कोई एक तय formula नहीं होता।
👉 कहीं criteria वज़न होता है
❗ 25 किलो तक taxable, उसके ऊपर exempt
👉 कहीं criteria कीमत होती है
❗ ₹2500 तक 5%, उसके ऊपर 18%
👉 और इस मामले में…
❗ criteria था — USE (उपयोग)
अगली बार जब आप अपने product को classify करें,
तो एक बार ‘पुराना चश्मा’ उतारकर
GST की नज़रों से ज़रूर देखिए। 👓
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📚 𝗖𝗶𝘁𝗮𝘁𝗶𝗼𝗻
𝗣𝗮𝘁𝗲𝗹 𝗣𝗿𝗼𝗱𝘂𝗰𝘁𝘀 & 𝗔𝗻𝗿. 𝘃𝘀. 𝗨𝗻𝗶𝗼𝗻 𝗼𝗳 𝗜𝗻𝗱𝗶𝗮 & 𝗢𝗿𝘀.
Gujarat High Court
R/Special Civil Application No. 2407 of 2025 & Ors.
Decided on: 19.12.2025