04/11/2022
एक बार की बात है एक सेठ जी अपने बेटे का नाम लिखवाने गए गुरूजी ने बताया की हमारे स्कूल में तैरना भी सिखाया जाता है पर वहां कोई भी तालाब नहीं था। सेठ जी को गुरूजी की बात पर सहसा विश्वास नहीं हुआ , तब गुरूजी ने बताया की हम लिखकर एवं चित्रों से समझाते है और फिर बच्चों को उनकी रूचि होने पर तालाब में सिखाया जाता है। क्या निवेश को भी लिखकर एवं चित्रों से समझा जा सकता है?