19/03/2024
आइये, आय, बचत, निवेश और संपत्ति के गणित को आसान शब्दों में समझते हैं.
आय वह है, जिसे हम नियमित रूप से हर माह कमाते हैं. यदि हम व्यापारी, गृहिणी या किसी संस्थान में कर्मचारी है तो नियमित आय कमाने का हमारा अपना तरीका हो सकता है. इस नियमित आय से हमारे दैनिक/मासिक खर्च पूर्ण होते हैं या यूँ कहे कि आय से ही हमारा घर चलता है.
बचत वह है, जो प्रतिमाह की आय में से सभी मासिक खर्च हो जाने के पश्चात् शेष रहती है या जिसे हम स्वयं प्लान करके बचाते हैं. वैसे प्रतिमाह बचत करना तो हम भारतीयों के संस्कार में हैं ही, फिर भी नियमित बचत को लेकर हमें ज्यादा गंभीर और अडिग होना चाहिए. हमें अपनी आय का कम से कम 30% तक हर महीने बचाना ही चाहिए, जिसके सही निवेश से हमारे भविष्य की योजनाओं को आसानी से पूरा किया जा सकता है.
निवेश वह है, जिसमें हम अपनी बचत को बढ़ने के लिए लगाते हैं. यूँ तो निवेश करने के लिए हमारे पास बहुत सारे विकल्प होते हैं, जैसे बैंक FD, पोस्ट ऑफिस RD, प्रॉपर्टी, सोना, शेयर मार्केट, म्युचूअल फंड्स इत्यादि. जिनमें से बैंक FD, प्रॉपर्टी और सोने के लिए हमें बड़ी और एकमुश्त बचत की ज़रूरत होती है, जबकि पोस्ट ऑफिस RD और म्युचूअल फंड्स में हम नियमित रूप से हर महीने की अपनी छोटी-छोटी बचत को लगा सकते हैं. इसमें से भी पोस्ट ऑफिस RD सुरक्षित तो है पर रिटर्न देने के मामले में बहुत ही कम, जबकि तुलनात्मक रूप से लंबी अवधि में म्युचूअल फंड्स में निवेश का रिटर्न बहुत ही अच्छा देखा गया है.
संपत्ति वह है, जो ऐसी इन्वेस्टमेंट होती है, जिसकी कीमत समय के साथ बढती ही चली जाती है. हम सभी अपनी नियमित आय से ऐसी संपत्ति बनाना चाहते हैं, जो हमारे परिवार का भविष्य सुरक्षित करें और हमारे आत्मविश्वास को बढाकर चेहरे पर मुस्कान लाये.
कहते हैं न, कि जिसकी जेब भरी हो, उसकी ज़िन्दगी भी खुशियों से भरी रहती है.