The Life Planner Financial Health Expert

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12/07/2024
मैं नास्तिक क्यों हूँ 2
12/07/2024

मैं नास्तिक क्यों हूँ 2

शहीद भगत सिंह की "मैं नास्तिक क्यों हूँ": क्रांतिकारी विचारों का अमर वीडियो!जय भारत! जय संविधान! 🇮🇳आज हम आपके लिए ला.....

महात्रिफलादि घृत औषधि MAHATRIFLADI GHRITAhttps://www.youtube.com/watch?v=-Y3m6jVByfsFind my channel on YouTube
25/01/2024

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"Introducing the Ayurvedic Elixir - 'Triphaladi Ghrita Medicine'! In this enlightening YouTube video, we delve into the extraordinary world of Triphaladi Ghr...

12/05/2023
16/06/2019

मूत्र में खून के कारण और इससे जुड़े तथ्‍य

रक्‍तमेह की पहचान माइक्रोस्‍कोप से की जाती है।
इसमें रक्‍त कोशिकायें माइक्रोस्‍कोप से दिखती है।
निदान के लिए मूत्र के नमूने की जांच होती है।
इसके कारणों के आधार पर इसका उपचार होता है।
मूत्र में खून यानी रक्‍तमेह (Hematuria) की पहचान आसानी से नहीं की जा सकती है, क्‍योंकि ज्‍यादातर मामलों में इसे केवल माइक्रोस्‍कोप के जरिये ही देखा जा सकता है। इसके मूल्‍यांकन के लिए पूरे मूत्र पथ यानी यूरीनरी ट्रैक्‍ट का परीक्षण किया जाता है। इसके निदान के लिए मूत्र के नमूने की जांच की जाती है, इसके अलावा सीटी स्‍कैन, सिस्‍टोस्‍कोपी और यूरीन सिटोलॉजी की जाती है। मूत्र में रक्‍त का प्रबंधन इसके मूल कारणों पर निर्भर करता है। इसके बारे में विस्‍तार से जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।

मूत्र में खून
रक्‍तमेह यानी मूत्र में खून कुछ मामलों में तो दिखाई दे जाता है, लेकिन ज्‍यादातर मामलों में इसकी पहचान माइक्रोस्‍कोपिक (इसमें रक्‍त कोशिकायें केवल माइक्रोस्‍कोप से दिखती हैं) होती हैं। सकल रक्तमेह की उपस्थिति व्‍यापक रूप में भिन्‍न हो सकती है, ये हल्‍के गुलाबी या गहरे लाल रंग के थक्‍के के साथ होते हैं। हालांकि इसमें समस्‍या से ग्रस्‍त होने पर मूत्र में रक्‍त की मात्रा अलग-अलग हो सकती है, मूत्र की मात्रा के आधार पर ही इसका अवलोकन, परीक्षण और उपचार किया जाता है।

जिन लोगों के मूत्र में रक्‍त दिखता है वे सामान्‍यतया चिकित्‍सक से संपर्क करते हैं, लेकिन जिनको यह नहीं दिखता है उनको बाद में अधिक समस्‍या हो सकती है। इसलिए अगर पेशाब करने में कोई समस्‍या है तो नियमित रूप से मूत्र के नमूने की जांच कराते रहना चाहिए।

रक्‍तमेह के कारण
हालांकि सकल और सूक्ष्‍म रक्‍तमेह के कारण एक जैसे हो सकते हैं, इन दोनों प्रकार की समस्‍या होने पर मूत्रमार्ग से कहीं से भी खून बहने की शिकायत हो सकती है। इसमें से किसी प्रकार में यह निर्धारित नहीं किया जा सकता है कि खून किडनी, मूत्रवाहिनी (यह एक प्रकार की ट्यूब होती है जो किडनी से मूत्राशय में मूत्र ले जाती है), मूत्राशय आदि जगह से निकल रहा है। इसका निर्धारण और मूल्‍यांकन चिकित्‍सक की कर सकता है।

मूत्र में संक्रमण इसे मूत्र मार्ग संक्रमण या यूटीआई भी बुलाते हैं। इसमें मूत्र जीवाणुरहित होता है और किसी प्रकार के जीवाणु इसमें नहीं होते हैं। गुर्द की पथरी की समस्‍या से भी अगर व्‍यक्ति ग्रस्‍त है तो परेशानी और बढ़ सकती है। इस समस्‍या को किडनी की बीमारी से जोड़कर देखा जाता है। कुछ दवायें जिनके कारण खून के थक्‍के बन सकते हैं, जैसे - एस्‍पीरिन, वारफेरिन आदि भी इसके लिए जिम्‍मेदार कारण हो सकते हैं, इनके कारण मूत्र में खून आने की समस्‍या भी हो सकती है। ब्‍लैडर कैंसर होने पर भी रक्‍तमेह हो सकता है।

निदान और उपचार
रक्‍तमेह के निदान के लिए मूत्र का नमूना लेकर उसकी जांच की जाती है, इसके अलावा सीटी स्‍कैन, सिस्‍टोस्‍कोपी और यूरीन सिटोलॉजी के जरिये इसका निदान होता है। चिकित्‍सक आपके शारीरिक परीक्षण और इससे पहले हुई किसी भी प्रकार की समस्‍या के बारे में जानकारी ले सकता है, यानी आप पहले से कोई दवा तो प्रयोग नहीं कर रहे हैं जो इसका कारण बन सकता है।

चिकित्‍सक इस समस्‍या से उपचार के पहले इसके पीछे जिम्‍मेदार कारणों और लक्षणों के आधार पर इसका उपचार करता है। इसके उपचार से पहले रक्‍तचाप और किडनी का परीक्षण किया जाता है, अगर किडनी सही तरीके से काम नहीं कर रही है तो उसका उपचार किया जायेगा, अगर रक्‍तचाप असामान्‍य है तो उसे समान्‍य किया जायेगा। अगर व्‍यक्ति की उम्र 50 से अधिक है तो उसका उपचार अलग तरीके से होता है।

इस समस्‍या को सामान्‍य बिलकुल न लें, क्‍योंकि यह ब्‍लैडर कैंसर के कारण भी हो सकता है, जो कि बहुत खतरनाक है। अगर मूत्र त्‍यागने में किसी प्रकार की समस्‍या हो, रक्‍तचाप असामान्‍य हो और किडनी संबंधित कोई समस्‍या हो तो तुरंत चिकित्‍सक से संपर्क कीजिए।

Trip to gyani chor ki gufaaaaaa
07/08/2017

Trip to gyani chor ki gufaaaaaa

12/07/2016

सफलता का सबक
एक आठ साल का लड़का गर्मी की छुट्टियों में अपने दादा जी के पास गाँव घूमने आया। एक दिन वो बड़ा खुश था, उछलते-कूदते वो दादाजी के पास पहुंचा और बड़े गर्व से बोला, ” जब मैं बड़ा होऊंगा तब मैं बहुत सफल आदमी बनूँगा। क्या आप मुझे सफल होने के कुछ टिप्स दे सकते हैं?”
दादा जी ने ‘हाँ’ में सिर हिला दिया, और बिना कुछ कहे लड़के का हाथ पकड़ा और उसे करीब की पौधशाला में ले गए।
वहां जाकर दादा जी ने दो छोटे-छोटे पौधे खरीदे और घर वापस आ गए।
वापस लौट कर उन्होंने एक पौधा घर के बाहर लगा दिया और एक पौधा गमले में लगा कर घर के अन्दर रख दिया।
“क्या लगता है तुम्हे, इन दोनों पौधों में से भविष्य में कौन सा पौधा अधिक सफल होगा?”, दादा जी ने लड़के से पूछा।
लड़का कुछ क्षणों तक सोचता रहा और फिर बोला, ” घर के अन्दर वाला पौधा ज्यादा सफल होगा क्योंकि वो हर एक खतरे से सुरक्षित है जबकि बाहर वाले पौधे को तेज धूप, आंधी-पानी, और जानवरों से भी खतरा है…”
दादाजी बोले, ” चलो देखते हैं आगे क्या होता है !”, और वह अखबार उठा कर पढने लगे।
कुछ दिन बाद छुट्टियाँ ख़तम हो गयीं और वो लड़का वापस शहर चला गया।
इस बीच दादाजी दोनों पौधों पर बराबर ध्यान देते रहे और समय बीतता गया। ३-४ साल बाद एक बार फिर वो अपने पेरेंट्स के साथ गाँव घूमने आया और अपने दादा जी को देखते ही बोला, “दादा जी, पिछली बार मैं आपसे successful होने के कुछ टिप्स मांगे थे पर आपने तो कुछ बताया ही नहीं…पर इस बार आपको ज़रूर कुछ बताना होगा।”
दादा जी मुस्कुराये और लडके को उस जगह ले गए जहाँ उन्होंने गमले में पौधा लगाया था।
अब वह पौधा एक खूबसूरत पेड़ में बदल चुका था।
लड़का बोला, ” देखा दादाजी मैंने कहा था न कि ये वाला पौधा ज्यादा सफल होगा…”
“अरे, पहले बाहर वाले पौधे का हाल भी तो देख लो…”, और ये कहते हुए दादाजी लड़के को बाहर ले गए.
बाहर एक विशाल वृक्ष गर्व से खड़ा था! उसकी शाखाएं दूर तक फैलीं थीं और उसकी छाँव में खड़े राहगीर आराम से बातें कर रहे थे।
“अब बताओ कौन सा पौधा ज्यादा सफल हुआ?”, दादा जी ने पूछा।
“…ब..ब…बाहर वाला!….लेकिन ये कैसे संभव है, बाहर तो उसे न जाने कितने खतरों का सामना करना पड़ा होगा….फिर भी…”, लड़का आश्चर्य से बोला।
दादा जी मुस्कुराए और बोले, “हाँ, लेकिन challenges face करने के अपने rewards भी तो हैं, बाहर वाले पेड़ के पास आज़ादी थी कि वो अपनी जड़े जितनी चाहे उतनी फैला ले, आपनी शाखाओं से आसमान को छू ले…बेटे, इस बात को याद रखो और तुम जो भी करोगे उसमे सफल होगे- अगर तुम जीवन भर safe option choose करते हो तो तुम कभी भी उतना नहीं grow कर पाओगे जितनी तुम्हारी क्षमता है, लेकिन अगर तुम तमाम खतरों के बावजूद इस दुनिया का सामना करने के लिए तैयार रहते हो तो तुम्हारे लिए कोई भी लक्ष्य हासिल करना असम्भव नहीं है!
लड़के ने लम्बी सांस ली और उस विशाल वृक्ष की तरफ देखने लगा…वो दादा जी की बात समझ चुका था, आज उसे सफलता का एक बहुत बड़ा सबक मिल चुका था!
दोस्तों, भगवान् ने हमें एक meaningful life जीने के लिए बनाया है। But unfortunately, अधिकतर लोग डर-डर के जीते हैं और कभी भी अपने full potential को realize नही कर पाते। इस बेकार के डर को पीछे छोडिये…ज़िन्दगी जीने का असली मज़ा तभी है जब आप वो सब कुछ कर पाएं जो सब कुछ आप कर सकते हैं…वरना दो वक़्त की रोटी का जुगाड़ तो कोई भी कर लेता है…
सफलता का सबक
इसलिए हर समय play it safe के चक्कर में मत पड़े रहिये…जोखिम उठाइए… risk लीजिये और उस विशाल वृक्ष की तरह अपनी life को large बनाइये

01/02/2016

क्या आपके एजेंट के पास हैं ये योग्ताएं?
वित्त जगत में विभिन्न तरह के एजेंट के बारे में आप अक्सर
सुनते हैं। आप एजेंट के कार्यों के बारे में भी जानते
हैं। लेकिन कभी इस बात पर ज्यादा गौर
नहीं करते कि एजेंट बनने के लिए आवश्यक
अर्हर्ताएं क्या होती है? एक एजेंट को किस तरह के
शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं को
पूरा करना होता है? क्या एजेंट बनना बहुत मुश्किल है या फिर यह
बच्चों का खेल है एवं कोई भी आदमी
एजेंट बन सकता है? इस लेख के माध्यम से हम एजेंट,
सलाहकार, प्लानर आदि की आवश्यक योग्यताओं तथा
उससे जुड़े अन्य जरूरी तथ्यों पर गौर कर रहे हैं।
बीमा एजेंट
बीमा एजेंट बनना कोई मुश्किल काम नहीं
है। इसके लिए न्यूनतम योग्यता का कोई अंतिम पैमाना निर्धारित
नहीं किया गया है। यहां भारतीय
जीवन बीमा निगम का उदाहरण लें।
एलआईसी ने 5000 की
आबादी वाले गांवों के लिए 10वीं एवं
शहरी क्षेत्रों के 12वीं पास होना अनिवार्य
किया है। जहां तक उम्र की बात है तो इसके लिए
भी कोई निश्चित पैमाना नहीं है मसलन
बीमा एजेंट बनने के लिए एलआईसी ने 18
वर्ष की न्यूनतम आयु अनिवार्य किया है।
दूसरी बीमा कंपनियों में संभव है इसमें
भिन्नता हो सकती है। बीमा एजेंट बनने के
लिए इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की
परीक्षा पास करना आवश्यक है।
आईआरडीए द्वारा अनुमोदित प्रशिक्षण केंद्र से 50
घंटे और संयुक्त बीमा (जीवन और
साधारण) एजेंसी के मामले में 75 घंटे का व्यवहारिक
प्रशिक्षण पूर्ण करना अनिवार्य है जो क्रमश: तीन
सप्ताह से चार सप्ताह तक विस्तारित होता है। अगर आपने कुछ
अतिरिक्त व्यावसायिक योग्यता प्राप्त की है तो क्रमश:
दस और पच्चीस घंटे की छूट
दी जा सकती है। विद्यमान एजेंट के लिए
दूसरी बार नवीनीकरण के लिए
क्रमश: पच्चीस और पच्चास घंटे का प्रशिक्षण
पूर्ण करना आवश्यक होता है। आईआरडीए को
लाईसेंस शुल्क के रूप में 250 रुपये देना होता है। बैंक ड्राफ्ट
आवेदन फॉर्म के साथ रिपोर्टिंग कार्यालय के संबंधित व्यक्ति को
प्रस्तुत करना होता है।
ऑनलाइन परीक्षा:अब तो बीमा एजेंट
की परीक्षा ऑनलाइन तरीके
से भी ली जाती है। लेकिन
इसके लिए आपके पास मोबाइल फोन एवं ईमेल आईडी
होना बेहद जरूरी है। ऑनलाइन संबंधी
फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब परीक्षा
एवं प्रशिक्षण के दौरान हर सत्र का अलग-अलग कोड आपके
मोबाइल पर भेजा जाता है। एक आईडी से एक
ही बार लॉग-इन किया जा सकता है। इसके अलावा अब
तो ऑनलाइन तरीके से दस्तखत एवं फोटो का
भी मिलान किया जाता है।
म्यूचुअल फंड एजेंट/डिस्ट्रीब्यूटर
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में अधिकृत
डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए नेशनल
इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्युरिटीज मार्केट
(एनआईएसएम) द्वारा आयोजित परीक्षा पास करना
जरूरी होता है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में
अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए नेशनल
इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्युरिटीज मार्केट द्वारा
आयोजित परीक्षा में 50
फीसदी अंकों से उत्तीर्ण होने
के बाद उस सर्टिफिकेट को एम्फी के समक्ष प्रस्तुत
करना होता है। वहां इसकी जांच के बाद आपको एक
प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। एम्फी
ही आपको एआरएन नंबर भी देता है।
एआरएन सर्टिफिकेट (एम्फी रजिस्ट्रेशन नंबर) के
साथ मनोयन फॉर्म की एक कॉपी संबंधित
म्यूचुअल फंड कार्यालय को भेजी जाती है
जहां अभ्यर्थी द्वारा परिचालन प्रस्तावित किया गया है।
उसके बाद म्यूचुअल फंड कंपनी संबंधित फॉर्म
की समीक्षा करता है एवं हर तरह से
संतुष्ट होकर प्रत्याशी (संभावित
डिस्ट्रीब्यूटर) को मनोयन पत्र भेजता है। इतना
ही नहीं प्रत्याशी को तमाम
आवश्यक कागजातों (मसलन फॉर्म, फैक्टशीट,
मार्केटिंग सामग्री) के साथ कोड नंबर भी
भेजता है। इन प्रक्रियाओं को पूरी तरह से अंजाम देने
के बाद कोई व्यक्ति किसी म्यूचुअल फंड
कंपनी का पूर्ण रूप से डिस्ट्रब्यूटर बन जाता है।
इन पर्सन वैरीफिकेशन: म्यूचुअल फंड में निवेश को
ज्यादा सुरक्षित बनाने के मकसद से केवाईसी
आवश्यकताओं के मद्देनजर इन पर्सन वैरिफिकेशन
(आईपीवी) को भी अनिवार्य
कर दिया गया है। इसके तहत निवेशक को फंड हाउस में जाकर
अपना फिजिकल वैरिफिकेशन कराना पड़ता है। हालांकि, इससे निवेशकों
को काफी असुविधा का भी सामना करना पड़ता
है। अजीबोगरीब रूप से इसे निवेशकों के
लिए अनिवार्य किया गया है कि वे ही फंड हाउस में
जाकर इन पर्सन वैरीफिकेशन कराएं।
केवाईडी से लैस डिस्ट्रीब्यूटर से
भी इन पर्सन वैरीफिकेशन
(आईपीवी) कराया जा सकता है।
उद्देश्य: डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए आयोजित किए
जाने वाले परीक्षा का मुख्य उद्देश्य एमएफ उत्पाद
बेचने की चाह रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति
की विषय से संबंधित न्यूनतम जानकारी को
जांचना होता है
आवेदन की प्रक्रिया: एमएफ
डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन
दोनों तरीकों से आवेदन किया जा सकता है।
सेबी के नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन करने के 180
दिनों के भीतर परीक्षा लेना अनिवार्य होता
है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की वेबसाइट के जरिए
ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है।
रिकवरी एजेंट
सभी रिकवरी एजेंट के पास इंडियन
इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फायनेंस से द्वारा निर्गत
प्रमाण पत्र रखना आवश्यक है। हालांकि इस प्रमाण पत्र
की प्राप्ति के लिए उन्हें संबंधित विभाग द्वारा
ली गई परीक्षा को पास करना
जरूरी होता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने
रिकवरी एजेंट की भर्ती के
लिए परीक्षा आयोजित करने हेतु इंडियन
इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग फायनेंस
(आईआईबीएफ) को अधिकृत किया है।
रिकवरी एजेंट बनने के लिए इस संस्था से प्रमाण पत्र
हासिल करना अनिवार्य है।
रिकवरी एजेंट बनना कोई बहुत मुश्किल काम
नहीं है। नियमों के अनुसार इसके लिए विशेष शैक्षणिक
योग्यता की भी जरूरत नहीं
है। अलग-अलग एजेंसियों के लिए शैक्षणिक योग्यता का पैमाना
अलग-अलग हो सकता है। हालांकि अभ्यर्थी का हाई
स्कूल पास होना आवश्यक माना जाता है परंतु यदि वह स्नातक है
तो बेहतर ही है। हालांकि आजकल इस क्षेत्र मे
भी प्रतियोगिता काफी बढ़ गई है एवं
रिकवरी एजेंट रखने वाली एजेंसियां वैसे
अभ्यर्थियों को ज्यादा तरजीह देती हैं
जिनके पास कस्टमर केयर सर्विस का पूर्व अनुभव हो। इसके बाद
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक एजेंट का
सेवा शुरू करने से पहले पर्याप्त प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होता
है। रिकवरी एजेंट के लिए कम से कम 100 घंटे
की ट्रेनिंग अनिवार्य की गई है। कैनरा बैंक
के वरिष्ठ प्रबंधक अजय कुमार वर्मा का कहना है कि आजकल
बैंक रिकवरी एजेंसियों की सेवाएं लेते हैं
इसलिए उन्हें ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी
भी उन्हीं को पूरी
करनी होती है। हालांकि बैंक उन्हें
अनुबंधित करने से पहले प्रशिक्षण प्रमाण पत्र अवश्य देखते
हैं।
सर्टिफायड फायनेंसियल प्लानर
हर किसी को इस बात की इच्छा
होती है कि बेहतर एवं सुनयोजित निवेश से उसके धन
में बढ़ोतरी हो। कुछ लोग स्वयं ही निवेश
की योजना को तैयार करते हैं परंतु हमारे आस-पास
काफी लोग ऐसे हैं जिनके पास निवेश करने एवं इससे
जुड़ी बारीकियों पर नजर रखने का वक्त
नहीं है। ऐसे में एक सर्टिफायड फायनेंसिल प्लानर ऐसे
लोगों के निवेश पर नजर रखता है। हालांकि एक सर्टिफायड प्लानर
बनने के लिए आपको संबंधित क्षेत्र का आवश्यक प्रमाण पत्र
लेना होता है। दरअसल सर्टिफायड फायनेंसियल प्लानिंग कोर्स
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य है। इसे
करीब 20 से ज्यादा देशों में मान्यता दी गई
है। जहां तक भारत का सवाल है तो भारत में फायनेंसियल प्लानिंग
स्टैंडर्ड बोर्ड इंडिया (एफपीएसबी),
फायनेंसियल प्लानिंग क्वालिफिकेशन को प्रमाणित करता है। इस
कोर्स में तमाम तरह के विषयों मसलन इंवेस्टमेंट, इस्टेट प्लानिंग,
इंश्योरेंस, टैक्सेशन एवं रिटायरमेंट प्लानिंग आदि को कवर किया जाता
है। एक बार जब आप इस प्रमाण पत्र को हासिल कर लेते हैं तो
आप सभी तरह की वित्तीय
सलाह एवं सेवाएं प्रदान करने के योग्य हो जाते हैं।
सर्टीफायड फायनेंसियल प्लानर
(सीएफपी) को वित्तीय क्षेत्र
में निवेश की सलाह देने वाले अन्य प्रोफेशनल्स से
ज्यादा तरजीह दी जाती है।
पोस्ट ऑफिस एजेंट
पोस्ट ऑफिस एजेंट बनने के लिए किसी खास
शैक्षणिक योग्यता की जरूरत नहीं है।
हालांकि इन दिनों उत्पादों की जानकारी
सही तरीके से देने पर जोर दिया जा रहा
है। इसके बाबत यदि अभ्यर्थी के पास
दसवीं, 12 वीं या स्नातक की
डिग्री है तो यह सही माना जाता है। यदि
आप एजेंट बनना चाहता है तो अपने पास के पोस्ट ऑफिस में
जाकर पोस्ट मास्टर से मिलें। वहां अपनी इच्छा जाहिर
करें। पोस्ट मास्टर आपसे आपके आवास की
जानकारी मांगेगा। संभव है कि आपको प्रमाण पत्र
की कॉपी जमा करना पड़े। वहां आपको एक
फॉर्म भरना पड़ेगा जिसमें आपसे व्यवसाय, निवास स्थान एवं शिक्षा
आदि के संबंध में जानकारी मांगी
जाएगी। उसके बाद आपको प्रमाण पत्र
जारी कर दिया जाएगा।
पोस्टल डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी अरशद खान
का कहना है कि पोस्ट ऑफिस एजेंट बनने के लिए विभाग इन दिनों
कई तरह के प्रोत्साहन अभियान चला रहा है। उन्हें बेहतर
प्रशिक्षण एवं अन्य सुविधाएं भी देने की
तैयारी की जा रही है ताकि
एजेंटों की संख्या को बढ़ाई जा सके। प्रत्येक इच्छुक
व्यक्ति को अपने नजदीकी डाकघर में
पोस्ट मास्टर से मिलना चाहिए। वहां ज्यादा कागजाती
झमेले में नहीं डाला जाता एवं विभाग से जोडऩे में मदद
की जाती है।

Address

Jind
126102

Telephone

9017367368

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