31/07/2023
ना मंदिर जाते हैं, ना मदीना जाते हैं ।
हम CA हैं , आफिस के सिवा कहीं ना जाते हैं।
ना पूजा करते हैं, ना अदा कोई नमाज़ करते हैं।
हम CA हैं, कर अदा करनेवालो का return भरते हैं।
ना गाने सुना करते हैं, ना ग़ज़लें सुना करते हैं।
हम CA हैं, रोज़ सरकारी फरमान सुना करते हैं।
ना गीता, ना बाइबिल, ना क़ुरान के लिए लड़ते हैं।
हम CA हैं, Companies Act, Income Tax, GST पढ़ते हैं।
ना डिस्को में जाते हैं हम, ना डेट पे जाते हैं,
हम CA हैं, अक़सर घर देर से जाते हैं।
खुद ही कहानी लिखते हैं और खुद ही डायरेक्टर होते हैं।
हम CA हैं, हमारे अपने परदे, अपने थिएटर होते हैं।
हसरतें हूबहू हैं, ख़ुदा नहीं, हम भी बनना इंसान भला चाहते हैं।
हम CA हैं, चाहे fees मिले या नही, कुछ भी हो अपने client का भला चाहते हैं।
ना खाकी पे एतबार है , ना खद्दर पे इतना भरोसा करते हैं।
हम CA हैं, लोग हमारे signature पे कितना भरोसा करते हैं।
इश्क़-महरूनी, सर्द-ग़ुलाबी और धानी हम पर सब रँग फ़ब लेते हैं।
हम CA हैं, सर झुकाये टेबल पर बैठे देर रात तक, जीवन के सब रंग ढक लेते हैं।
एकल व्यक्ति भी खड़ा रहता है,
उद्योगपति भी खड़ा रहता है।
ये CA का दिल है,
देश प्रेम है उन्नति की ऒर,
इंसानियत भीतर रहती है,
भेदभाव बाहर खड़ा रहता है।
🙏🙏🙏