26/05/2025
भारत में, आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करना उन सभी व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए अनिवार्य है जिनकी आय एक निश्चित सीमा से अधिक है या जो कुछ विशेष मानदंडों को पूरा करते हैं।
मुख्य रूप से किसे ITR फाइल करना चाहिए:
* आय बुनियादी छूट सीमा से अधिक है:
* 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति: यदि आपकी सकल कुल आय ₹2.5 लाख से अधिक है (कटौतियों से पहले).
* 60 वर्ष से 80 वर्ष के बीच के वरिष्ठ नागरिक: यदि आपकी सकल कुल आय ₹3 लाख से अधिक है.
* 80 वर्ष से अधिक आयु के सुपर वरिष्ठ नागरिक: यदि आपकी सकल कुल आय ₹5 लाख से अधिक है.
* नोट: यह आय कटौती (धारा 80C से 80U) और छूट (धारा 10) को लागू करने से पहले की होनी चाहिए.
* व्यवसाय और कंपनियां:
* सभी पंजीकृत कंपनियों और फर्मों को, चाहे उन्होंने लाभ कमाया हो या हानि, ITR फाइल करना अनिवार्य है.
* कुछ विशेष मामलों में, भले ही आय बुनियादी छूट सीमा से कम हो:
* ₹1 करोड़ या उससे अधिक का बैंक में जमा: यदि आपने एक या एक से अधिक चालू बैंक खातों में ₹1 करोड़ या उससे अधिक जमा किए हैं.
* ₹2 लाख या उससे अधिक का विदेशी यात्रा पर खर्च: यदि आपने अपने या किसी अन्य व्यक्ति की विदेशी यात्रा पर ₹2 लाख या उससे अधिक खर्च किए हैं.
* ₹1 लाख या उससे अधिक का बिजली बिल: यदि आपने बिजली की खपत पर ₹1 लाख या उससे अधिक खर्च किए हैं.
* भारत के बाहर संपत्ति या हस्ताक्षर करने का अधिकार: यदि आपके पास भारत के बाहर कोई संपत्ति (वित्तीय हित सहित) है, या किसी विदेशी खाते में हस्ताक्षर करने का अधिकार है, या आप भारत के बाहर किसी संपत्ति के लाभार्थी हैं.
* व्यवसाय/पेशे का टर्नओवर/कुल प्राप्तियां:
* यदि आपके व्यवसाय का कुल बिक्री, टर्नओवर या सकल प्राप्तियां ₹60 लाख से अधिक हैं.
* यदि आपके पेशे की कुल सकल प्राप्तियां ₹10 लाख से अधिक हैं.
* TDS (स्रोत पर कर कटौती) और TCS (स्रोत पर कर संग्रह) की राशि:
* यदि आपका कुल TDS/TCS ₹25,000 या उससे अधिक है (वरिष्ठ नागरिकों के मामले में ₹50,000).
* बचत बैंक खातों में कुल जमा: यदि एक या एक से अधिक बचत बैंक खातों में कुल जमा ₹50 लाख या उससे अधिक है.
* रिफंड का दावा करना: यदि आप आयकर विभाग से किसी भी अधिक भुगतान किए गए कर का रिफंड लेना चाहते हैं.
* घाटे को आगे बढ़ाना: यदि आप किसी भी नुकसान को अगले वित्तीय वर्ष में आगे ले जाना चाहते हैं (जैसे पूंजीगत लाभ से नुकसान).
क्यों फाइल करना चाहिए?
* कानूनी दायित्व: आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार ITR फाइल करना एक कानूनी दायित्व है.
* ऋण और वीज़ा आवेदन: ऋण (लोन) और विदेशी वीज़ा आवेदन के लिए ITR एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है.
* आय का प्रमाण: यह आपकी आय का एक वैध प्रमाण है.
* दंड से बचाव: ITR फाइल न करने पर आपको जुर्माना लग सकता है.
सही ITR फॉर्म का चुनाव आपकी आय के स्रोत और राशि पर निर्भर करता है (जैसे ITR-1 वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए, ITR-3 व्यवसाय या पेशे से आय वाले व्यक्तियों के लिए, आदि).