Tax solutions

Tax solutions LEGAL PROFFESIONAL ADVISOR

27/10/2016

Time extended upto 31st Dec2016 for F.Y.2015-16 filing of sale tax annual return form number 52

09/06/2016

नगद बिक्री और नगद भुगतान
पर अपरोक्ष रूप से पाबन्दी

काले धन पर अंकुश लगाना मोदी सरकार का चुनावी मुद्दा रहा है और इस दिशा में कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने नगद लेन देन पर रोक लगाने के लिए आयकर नियमों में परिवर्तन किये हैं क्योंकि नगद लेन देन काले धन को बढाने में अहम भूमिका अदा करतें हैं।

आयकर के संशोधित नियम 114ई के मुताबिक अगर कोई व्यापारी किसी भी ग्राहक, चाहे वह कोई व्यक्ति या अन्य कोई दूसरा व्यापारी ही क्योँ न हो, से बिक्री की एवज में अगर पूरे साल भर में 2 लाख रूपये से अधिक का भुगतान अगर नगद में प्राप्त करता है, तो बेचने वाला व्यापारी इस तरह से प्राप्त नगद भुगतान व भुगतान करने वाले व्यक्ति से सम्बंधित सुचना पैन नम्बर सहित आयकर विभाग को मुहया करवाएगा।

क्रेता के पैन नम्बर की सत्यापन की जिम्मेदारी विक्रेता की है। अतः उसे इस तरह के क्रेता से पैन कार्ड की छायाप्रति लेनी होगी। क्रेता का पैन नम्बर उपलब्ध न होने पर विक्रेता को उससे फॉर्म 60/61 लेकर आयकर विभाग को प्रेषित करना होगा।

साथ ही 2 लाख रू. से ऊपर के बिल पर खरीददार का पैन नम्बर अंकित करना भी अब अनिर्वाय कर दिया गया है।

आयकर विभाग इस सुचना के आधार पर नगद भुगतान करने वाले व्यक्तियों की निगरानी करेगा और पता लगायेगा कि वे लोग अपनी आयकर की रिटर्न पेश कर रहे है कि नहीं, और पेश कर रहे हैं तो क्या उनके द्वारा घोषित आय साल भर में उनके द्वारा किये गए नगद भुगतान को देखते हुए पर्याप्त है ?

किसी तरह की अनियमितता मिलने पर उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी | यह सुचना विक्रेता द्वारा अलग से एक वार्षिक विवरणी फार्म सं. 61A के माध्यम से पेश की जायेगी लेकिन सुचना देने का नियम उन्ही व्यापारियों पर लागु होगा जिनका आयकर अधिनियम की धारा 44AB के तहत ऑडिट होता है |

उदाहरण के लिए 1 अप्रेल 2016 के बाद अगर कोई व्यक्ति अपना घर बनवाने के लिए भी लकड़ी खरीदता है और दो लाख रूपये से ज्यादा का नगद भुगतान करता है तो उसकी सुचना आयकर विभाग में जायेगी | ऐसे ही अगर कोई व्यक्ति शादी के लिए कपड़ा खरीदता है और दो लाख रूपये से ज्यादा का नगद भुगतान करता है तो उसकी सुचना भी आयकर विभाग के पास जायेगी। इसी प्रकार अगर कोई व्यापारी भी नगद में माल खरीदता है तो उसकी भी सुचना आयकर विभाग में जायेगी।


नगद भुगतान करने या प्राप्त करने पर एक और जबरदस्त प्रहार आयकर अधिनियम की धारा 206C में संशोधन के द्वारा किया गया है।

1 जून 2016 से अगर कोई व्यापारी किसी व्यक्ति या अन्य किसी व्यापारी को 2 लाख रूपये से अधिक का माल (एक बिल से) बेचता है और विक्रय राशि में से एक रुपया भी नगद में प्राप्त करता है तो वह क्रेता से सम्पूर्ण विक्रय राशि का 1 % टैक्स (टी.सी.एस.) के रूप में कलेक्ट करके आयकर विभाग में जमा करवाएगा एवं इस राशि का समायोजन क्रेता को उसकी रिटर्न भरते समय मिल जायेगा |

उदाहरण के लिए अगर कोई व्यापारी किसी को 3 लाख रूपये का उधार माल (एक बिल से) बेचता है और सारा का सारा भुगतान बैंक के माध्यम से प्राप्त करता है तो उसे 1% टैक्स वसूल करने की आवश्यकता नही है | लेकिन 3 लाख रूपये में से 100 रूपये भी नगद में प्राप्त करता है तो जिस दिन नगद भुगतान प्राप्त करता है उस दिन उसे क्रेता से पुरे 3 लाख रूपये पर 1% की दर से टी.सी.एस. यानि
3000/- रूपये वसूल करके सरकार के खाते में जमा करवाने पड़ेंगे।

इसी प्रकार अगर कोई व्यक्ति किसी अस्पताल में ईलाज करवाता है और 2 लाख से अधिक का भुगतान नगद में करता है तो उसे अस्पताल की फीस के अलावा 1% टी.सी.एस. भी चुकाना होगा।

इतना ही नही विक्रेता एवं सेवा प्रदाता को यह सुचना आयकर विभाग में भिजवाने के लिए चारों तिमाही की टी.सी.एस. की रिटर्न भी भरनी पड़ेगी |

आने वाले समय में ये दोनों नियम विक्रेता एवं क्रेता दोनों को परेशान करने वाले हैं | विक्रेता को वित्तीय लेन देन की वार्षिक रिटर्न भरनी होगी तथा क्रेता से 1% टैक्स वसूल करके सरकार के खाते में जमा करवाना पड़ेगा और फिर चारों तिमाहियों की टी.सी.एस. की रिटर्न भी भरनी पड़ेगी।

इन सब कार्यों में काफी समय और एनर्जी बर्बाद होगी और कम्प्लायेंस कोस्ट भी बढ़ेगी। दूसरी तरफ क्रेता अथवा नगद भुगतान करने वाले व्यक्ति पर आयकर विभाग की नजर रहेगी और वह आयकर विभाग की गहन निगरानी में रहेगा।

इसलिए नगद भुगतान करते या लेते समय पूरी सावधानी बरतें। इस तरह से सरकार ने अपरोक्ष रूप से नगद लेन देन पर पाबंदी लगाने की कोशिश की है।

24/04/2016

⭕⭕⭕ R T I ⭕⭕⭕

RTI लिखने का तरीका -
👉RTI मलतब है सूचना का अधिकार - ये कानून हमारे देश में 2005 में लागू हुआ।जिसका उपयोग करके आप सरकार और
किसी भी विभाग से सूचना मांग सकते है। आमतौर पर लोगो को इतना ही पता होता है।परंतु आज मैं आप को इस के बारे में कुछ और रोचक जानकारी देता हूँ -

👉RTI से आप सरकार से कोई भी सवाल पूछकर सूचना ले सकते है।
👉RTI से आप सरकार के किसी भी दस्तावेज़ की जांच कर सकते है।
👉RTI से आप दस्तावेज़ की प्रमाणित कापी ले सकते है।
👉RTI से आप सरकारी कामकाज में इस्तेमाल सामग्री का नमूना ले सकते है।
👉RTI से आप किसी भी कामकाज का निरीक्षण कर सकते हैं।
👉RTI में कौन- कौन सी धारा हमारे काम की है।

👉धारा 6 (1) - RTI का आवेदन लिखने का धारा है।
👉धारा 6 (3) - अगर आपका आवेदन गलत विभाग में चला गया है। तो वह विभाग
इस को 6 (3) धारा के अंतर्गत सही विभाग मे 5 दिन के अंदर भेज देगा।
👉धारा 7(5) - इस धारा के अनुसार BPL कार्ड वालों को कोई आरटीआई शुल्क नही देना होता।
👉धारा 7 (6) - इस धारा के अनुसार अगर आरटीआई का जवाब 30 दिन में नहीं आता है
तो सूचना निशुल्क में दी जाएगी।
👉धारा 18 - अगर कोई अधिकारी जवाब नही देता तो उसकी शिकायत सूचना अधिकारी को दी जाए।
👉धारा 8 - इस के अनुसार वो सूचना RTI में नहीं दी जाएगी जो देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा हो या विभाग की आंतरिक जांच को प्रभावित करती हो।
👉धारा 19 (1) - अगर आप
की RTI का जवाब 30 दिन में नहीं आता है।तो इस
धारा के अनुसार आप प्रथम अपील अधिकारी को प्रथम अपील कर सकते हो।
👉धारा 19 (3) - अगर आपकी प्रथम अपील का भी जवाब नही आता है तो आप इस धारा की मदद से 90 दिन के अंदर दूसरी
अपील अधिकारी को अपील कर सकते हो।

आशीष कमथानिया,
डायरेक्टर,
टैक्स & लीगल प्रोफेशनल प्राइवेट लिमिटेड, रामपुर

👉RTIकैसे लिखे?

इसके लिए आप एक सादा पेपर लें और उसमे 1 इंच की कोने से जगह छोड़े और नीचे दिए गए प्रारूप में अपने RTI लिख लें..................................

सूचना का अधिकार 2005 की धारा 6(1) और 6(3) के अंतर्गत आवेदन।

सेवा में,

अधिकारी का पद / जनसूचना अधिकारी
विभाग का नाम.............

विषय - RTI Act 2005 के अंतर्गत .................. से संबधित सूचनाऐं।

अपने सवाल यहाँ लिखें।

1-..............................
2-...............................
3-..............................
4-..............................

मैं आवेदन फीस के रूप में 20रू का पोस्टलऑर्डर ........ संख्या अलग से जमा कर रहा /रही हूं।
या
मैं बी.पी.एल. कार्डधारी हूं। इसलिए सभी देय शुल्कों से मुक्त हूं। मेरा बी.पी.एल.कार्ड नं..............है।
यदि मांगी गई सूचना आपके विभाग/कार्यालय से सम्बंधित
नहीं हो तो सूचना का अधिकार अधिनियम,2005 की धारा 6 (3) का संज्ञान लेते हुए मेरा आवेदन सम्बंधित लोकसूचना अधिकारी को पांच दिनों के
समयावधि के अन्तर्गत हस्तान्तरित करें। साथ ही अधिनियम के प्रावधानों के तहत
सूचना उपलब्ध् कराते समय प्रथम अपील अधिकारी का नाम व पता अवश्य बतायें।

भवदीय

नाम:....................
पता:.....................
फोन नं:..................

हस्ताक्षर...................

ये सब लिखने के बाद अपने हस्ताक्षर कर दें।
👉अब मित्रो केंद्र से सूचना मांगने के लिए आप 20 रु देते है और एक पेपर की कॉपी मांगने के 2 रु देते है।
👉हर राज्य का RTI शुल्क अगल अलग है जिस का पता आप कर सकते हैं।

04/04/2016

सीमेंट पर एडिशनल टैक्स बढ़कर 4% कुल 12.5+4 = 16.5% दिनाक 05 अप्रैल 2016 से हो गया।

02/04/2016

CASE CANNOT BE REGISTERED AGAINST A LAWYER....

"JUST BECAUSE HIS ADVICE WAS NOT RIGHT."

In an important decision Hon'ble Supreme Court ofIndia said, that if the advice of a lawyer goes wrong in some way, even than no case under section 420 IPC or something like that can be registered against him/her. Though Supreme Courtalso said that Lawyer should take care of the interests of his/her clients.CBI has asked for advise of a Lawyer on title deed in a matter of loan. The lawyer have given a clean chit to that deed at that time, but after that the scandal of millions took place on the same deed. CBI registered a criminal case against the lawyer under section 420 and others that was dismissed by High Court. CBI went to Supreme Court in appeal against the order, which the Hon'ble Supreme Court also dismissed.Justice P. Sthasivam and Justice Ranjan Gogoi bench said while giving decision that a case cannotbe registered against a lawyer just because his advice was not right. The wrong advice of the lawyer can be considered negligence or professional misconduct, that too only when thereis strong evidence. But in no condition the lawyer can be accused for section 420 or 109 IPC, unless there are strong evidence that establish relation ofadvocate with criminals involved in the case.Court also said that in professions like lawyers and doctors, the professionals cannot guarantee for the success of the case. Courts said that the advocate cannot provide guarantee to his/her client that he would definitely win the case and nordoctor can tell his patient that is operations are always successful. And though this professions doctor and lawyer can only say that they are experienced in their work and they would do their best efforts so that they are successful. And thus Supreme Court dismissed the appeal of CBI.IN THE SUPREME COURT OF INDIACRIMINAL APPELLATE JURISDICTION1 CRIMINAL APPEAL NO. 1460 OF 2012(Arising out of S.L.P. (Crl.) No. 6975 of 2011)Central Bureau of Investigation, Hyderabad …. Appellant(s)Versus K. Narayana Rao …. Respondent(s).

Let's CIRCULATE widely to CREATE AWARENESS of this Noble profession;

Vikrant bhargav
advocate.

31/03/2016

DEAR FRIENDS,
Last Chance to e-file your tax return FY 2013-14 and FY 2014-15 till 31st March 2016

Income Tax Department has issued notices upto nearly 58 lakh non filers. Additionally non filers has been identified with higher transactions.

Do not wait for the last date or do not avoid filing of Income Tax Return. Late filing or Non filing of Income Tax Return can lead to:-

• The Income Tax Department (ITD) is sending show cause notices to all the tax assessee for non filing of their tax returns since FY 2008-09 AY 2009-10 onwards
• Non filing of Income Tax Return whose taxable income is more than threshold limit of Rs 2,00,000 can lead to heavy penalties and interest up to 300% of the tax demand outstanding if any.
• E-filing of Income Tax Return is mandatory for all the tax assessee whose gross total income is over Rs 5,00,000 for FY 2012-13 and onwards. No paper return will be entertained.
• Income Tax Department can levy penalty of Rs 5000 for non filing of tax return other than interest on tax outstanding. Assessing Officer is empowered to levy the penalty.
• Belated Income Tax Return can be e-filed for the last two previous years i.e FY 2013-14 (AY 2014-15) and FY 2014-15 (AY 2015-16). The last day for filing of tax returns for FY 2013-14 (AY 2014-15) is 31st March 2016.
• After the due date of filing return, interest on outstanding tax due is charged at 1% per month till the tax payment is made and return is filed. The earlier the return is filed, the lesser the interest on tax due is required to be paid.
Received a Tax Demand or Non Compliance Notice? What should you do if you get a notice?

In case if any notice is issued by Department of Income Tax it is always advisable to contact a tax professional or a chartered accountant who can understand the nature of the notice and based on which decide the next course of action. Adhering to the notice and reply is a must. One should follow the same strictly.


With Best Regards Vikrant Bhargav
Advocate .zila tax baar Shamli...

Income tax department has started sending notices to non-filers for the assessment year 2013-14 & onwards & are also usi...
12/03/2016

Income tax department has started sending notices to non-filers for the assessment year 2013-14 & onwards & are also using the said information to verify under-reporting of income

1. Annual Information Return(AIR)

AIR-001: Cash deposits aggregating to Rs. 10,00,000/- or more in a year in any savings account

AIR-002: Paid Rs. 2,00,000/- or more against credit card bills

AIR-003: Investment of Rs. 2,00,000 or more in Mutual Fund


AIR-004: Investment of Rs. 5,00,000/- or more in Bonds or Debenture


AIR-005: Investment of Rs. 1,00,000/- or more for acquiring shares


AIR-006: Purchase of Immovable Property valued at Rs. 30,00,000/- or more.




AIR-007: Investment in RBI Bond of Rs. 5,00,000/- or more

2. Central Information Branch (CIB)
CIB- 94: Sale of Motor Vehicle


CIB-151: Transfer of immovable property

CIB-154: Transfer of capital assets where value declared for the purpose of stamp duty is more than sale value

CIB-157: Purchase of Immovable property valued at Rs. 5 lakhs or more

CIB-183: Time deposit of Rs 1,00,000/-


CIB-185: Purchase of Bank Draft of more than Rs. 50,000/- in cash


CIB 321: Share Transactions more than Rs. 20,000/-

CIB-403: Investment in Fixed Deposit/Time Deposit exceeding Rs. 2,00,000/-


CIB-406: Payment made against Credit Card more than Rs 2,00,000/-

CIB-410: Cash deposit aggregating of Rs 200000 on a day


CIB-502: Contract of Rs. 10,00,000/-or more in the Commodities Exchange

CIB-514: Interest paid by co operative credit Society

CIB: Payment in connection with foreign travel amount exceeding Rs. 1,00,000/- at one time

CIB: Payment to Hotel and Restaurants exceeding Rs. 1,00,000/- at one time

3. TDS return
TDS-94A: TDS Return – Interest other than interest on security (section 194A)
TDS-92B: TDS Return – Salary to Employees (section 192)

4. Service Tax ReturnEXC-002: Turnover from services reported in Service Tax Return

5. Stock Broker
STT-01: Purchase of equity share in a recognised stock exchange


STT-02: Sale of equity Share (settled by actual delivery or transfer) in a recognised stock exchange

STT-03: Sale of equity Share (settled by otherwise than by the actual delivery or transfer) in a recognised stock exchange

STT-04: Sale of option in securities (derivative) in a recognised stock exchange

STT-05: Sale of Futures (derivative) in a recognised stock exchange

ashish kamthania
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01/03/2016

🌖 🌔 29 feb. 2016 🌖 🌔 नई दिल्ली। नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली एनडीए सरकार का दूसरा पूर्ण बजट संसद में पेश कर रहे हैं। बजट पेश करने से पहले संसद में कैबिनेट की मीटिंग हुई, जिसमें बजट पर कैबिनेट ने मुहर लगाई। इस मीटिंग में जेटली ने मंत्रियों को बजट की जानकारी दी। पढ़ें आम बजट का लाइव अपडेट -

- एक जून से कृषि कल्याण उपकर लगाया जाएगा

- ब्रांडेड कपड़े, पान मसाला महंगा

- काला धन सामने लाने का एक और मौका मिलेगा

- छोटी-बड़ी सभी कारें महंगी

- कोयला महंगा, सिगार, सिगरेट, गुटखा महंगा

- सोना, हीरे के गहने महंगे हुए

- बीड़ी छोड़ सभी तंबाकू उत्पाद और सिगरेट पर उत्पाद शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया

- डीजल गाड़ी पर 2.5 प्रतिशत उपकर, छोटी गाड़ी पर 1 प्रतिशत उप कर

- एसयूवी पर टैक्स 4 प्रतिशत बढ़ा, सभी कारें महंगी होंगी

- 10 लाख रुपए से ज्यादा कीमत वाली कारों पर एक फीसदी टीडीएस

- अमीरों पर टैक्स बढ़ा, 1 करोड़ की आय पर सरचार्ज 12 प्रतिशत से बढ़कर15 प्रतिशत हुआ

- 1 करोड़ से ज्यादा आय वालों का सरचार्ज बढ़ा

- पहली बार मकान खरीदने वालों को ब्याज में 50000 रुपए की छूट, मकान की कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए

- विकलांगों के सहायक उपकरण सस्ते होंगे

-� आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं

- मकान भत्ता 24000 रुपए से बढ़कर 60000 रुपए

- सस्ते आवास को बढ़ावा

- 5 लाख रुपए तक की आमदनी पर टैक्स में छूट की सीमा 2000 रुपए से बढ़ाकर 5000 रुपए की

- छोटे करदाताओं को राहत

- बैंको की सेहत सुधारने के लिए 25 हजार करोड़

- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लिए 1.80 लाख करोड़ रुपए का फंड

- इस साल यह घाटा 3.9 प्रतिशत रहा

- राजकोषीय घाटा 3.5 प्रतिशत का लक्ष्य

- सरकार अपना घाटा काबू में रखेगी

- डाक घरों में एटीएम सेवा शुरू होगी

- कुछ जिलों में खाद की सब्सिडी खातों में

- कंपनी अधिनियम 2013 में संशोधन करेंगे

- स्टार्ट अप के लिए 1 दिन में कंपनी रजिस्टर

- सरकारी कंपनियां बेचेगा दीपम

- विनिवेश विभाग का नया नाम दीपम होगा

- शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 184 अंक टूट कर 22970 पर आया

- सेबी अधिनियम में संशोधन किया जाएगा

- पोंजी स्कीमों में फर्जीवाड़े से निवेशकर्ताओं को बचाने के लिए कानून बनाया जाएगा

- फूड प्रोसेसिंग में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को मंजूरी

- रोज दुकान खोलने के लिए नियम आसान होंगे।

- दुकानदार चाहें तो सप्ताह के सातों दिन खोल सकेंगे दुकानें

- मॉल की ही तरह दुकानें भी 7 दिन खुल सकेंगी

- राज्य हाईवे को नेशनल हाईवे बनाएंगे

- परमित राज खत्म किया जाएगा

- 160 एयरपोर्ट का विकास किया जाएगा

- 10000 किमी. का नया हाईवे बनेगा

- सड़क के लिए 55 हजार करोड़ रुपए का फंड

- मजदूरों के काम के घंटे, छुट्टी तय होगी

- नए कर्मचारियों के वेतन से पीएफ का पैसा नहीं कटेगा

- ईपीएफओ के लिए एक हजार करोड़ रुपए का फंड

- शुरू के तीन साल तक सरकार 8.33 प्रतिशत पीएफ का हिस्सा देगी

- ईपीएफ का दायरा बढ़ाने के लिए फैसला

- शुरू के तीन साल के लिए नए कर्मचारियों का पीएफ सरकार देगी

- 1500 स्किल डेवलेपमेंट सेंटर खुलेंगे

- स्कूल डेवलपमेंट के लिए 17

- तीन सालों में एक करोड़ लोगों को प्रशिक्षण

- 15 हजार बहु कौशल प्रशिक्षण संस्थान

- उच्च शिक्षा के विकास के लिए 1 हजार करोड़ रुपए

- स्कूल, कॉलेज का डिजिटल सर्टिफिकेट

- एससी-एसटी हब की स्थापना करेंगे

- 62 नए नवोदय स्कूल खोले जाएंगे

- डायलिसिस उपकरण सस्ते होंगे

- सभी जिला अस्पताल में राष्ट्रीय डायलिसिस सेवा शुरू होगी

- सस्ती दवाओं के लिए 3000 दुकाने खोली जाएंगी

- गरीबों को 1 लाख तक स्वास्थ्य बीमा

- 75 लाख लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ी

- बीपीएल परिवार में महिलाओं के नाम से एलपीजी कनेक्शन

- राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान शुरू करेंगे

- गांवों के लिए डिजिटल साक्षरता मिशन

- गांवों में बिजली के लिए 8500 करोड़

- 1 मई 2018 तक हर गांव में पहुंचेगी बिजली

- मनरेगा को 38500 करोड़ रुपए

- एक तिहाई आबादी को स्वास्थ्य बीमा देगी सरकार

- 2.87 लाख करोड़ रुपए ग्राम पंचायतों को देंगे

- डेयरी उद्योग के लिए 4 योजनाएं शुरू करेंगे

- फसल बीमा योजना के लिए 5500 करोड़ रुपए

- स्वास्थ बीमा में इलाज का खर्च मिलेगा

- वित्त वर्ष� 2016-17 में 15000 करोड़ रुपए का कर्ज देंगे

- सड़कों का लक्ष्य 2019 तक पूरा करेंगे

- पीएम ग्राम सड़क योजना के लिए 19000 करोड़ रुपए

- सिंचाई के लिए 20000 करोड़ रुपए का स्पेशल फंड

- कृषि मंडी कानून बदलेगा

- दालों का उत्पादन बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपए

- स्वच्छ भारत के तहत कचरे की खाद बनेगी

- आधार कार्ड को संवैधानिक दर्जा मिलेगा

- किसानों के लिए 35984 करोड़

- 5 सालों में किसानों की आमदनी दोगुनी करेंगे

- बीपीएल परिवारों को रसोई गैस

- स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा

- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की घोषणा की जा रही है

- कमजोर वर्गो के लिए 3 स्कीम की घोषणा

- विदेशी मुद्रा भंडार 350 बिलियन डॉलर है

- महंगाई दर 5.4 फीसदी हुई

- वैश्विक निर्यात में कमी

- विरासत में अर्थव्यवस्था खराब मिली

- दुनिया में भारत को लेकर विश्वास

- सकल घरेलू उत्पात (जीडीपी) बढ़कर 7.6 हुई

- बजट से पहले लोक सभा में हंगामा 🌖

22/01/2016

"आयकर छापा"
(जनउपयोगी जानकारियां)

1. आयकर छापे का मुख्य उद्देश्य आयकर की चोरी को पकड़ना है आयकर की चोरी को रोकना है आयकर का छापा पड़ने का मुख्य कारण इन में से एक है :--
👇
a. धारा 131(1) या 142(1) में आए नोटिस का विधिवत रुप से पालन नहीं करना। मतलब जवाब नहीं देना या संतुष्टि पूर्ण रूप से जवाब नहीं देना।
b. आयकर अधिकारी को यह विश्वास हो की निर्धारिती के पास अघोषित आय, संपत्ति, ज्वेलरी आदि कम से कम एक करोड है।

2. इसलिए जब भी आयकर का छापा पड़ता है एक व्यक्ति को निम्न चीजों का सामना करना पड़ता है!
👇
a. उसके पास जीतने भी लूज पेपर पड़े हैं उन पर लिखे हुए रकमो का हिसाब देना।
(इंसान का एक स्वाभाविक स्वभाव होता है जितने भी लूज पेपर पड़े होते हैं वह सोचता है कि यह कभी मेरे काम आएंगे। मेरे 20 साल की कार्य अवधि में मैंने पाया है कि वह सिर्फ उसके खुद के तकलीफ देने के अलावा कोई काम नहीं आता। उसके कारण मानसिक तनाव आर्थिक हानि समय का नुकसान के इलावा कुछ भी हाथ नहीं आता। समझदारी इसी में है कि रोज के रोज लुज़ पेपर को देखकर समझ कर फाड़ देना। कई बार इंसान सोचता है कि यह पेपर बिल्कुल सही है मैं इसका जवाब दे सकता हूं लेकिन मित्रों ज्यादा समय बीत जाने के बाद हमको याद नहीं आता कि यह पेपर किस काम का था और उसमें उसका संबंध खाता बही से दिखाना बड़ा मुश्किल हो जाता है)
b. इसलिए समझदार व्यक्ति अपने CA को भी कह कर रखता है कि जब आप ऑडिट करें तो मेंरे स्टाफ के पास कितने लूज पेपर्स या रजिस्टर या डायरी पड़े हैं उसका भी रिपोर्ट देवे। विशेष तौर पर अकाउंटेंट चौकीदार स्टोर कीपर सेल्स मैन प्रोजेक्ट डिपार्टमेंट खरीद विभाग प्रोडक्शन विभाग आदि में।
(रोज़ की रोज़ पेपर फाड़ना रोज़ की रोज़ अकाउंट्स को लिखना रोज़ की रोज़ हिसाब मिलाना अत्यावश्यक है इसकी तो नियम बना ले इसका नियम से पालन भी करें)
c. आपके पास जितनी भी ज्वैलरी पड़ी है उसका समय-समय पर निरीक्षण करके वैल्यूएशन करवाना इसके लिए आयकर विभाग का एक सर्कुलर भी निकला हुआ है जिसके अनुसार घर की प्रत्येक शादीशुदा महिला के लिए 500 ग्राम प्रत्येक अविवाहित महिला के लिए लड़की के 250 ग्राम तथा प्रत्येक पुरुष या बच्चे का 100 ग्राम ज्वैलरी तक कुछ भी नहीं पूछा जाएगा और यह माना जाएगा यह घोषित है!
(अगर आपको उससे ज्यादा की ज्वैलरी घोषित सिद्ध करनी है तो सभी प्रकार की ज्वैलरी के बिल, उसके भुगतान की रसीद, उसका भुगतान करने का सबूत उस समय की बैंक स्टेटमेंट या बैंक की पासबुक की कॉपी आपके पास होना बहुत आवश्यक है)
d. रोज़ की रोज़ अपने बिजनेस वाली फर्मों के अकाउंटस को तो लिखना आवश्यक है ही अपनी व्यक्तिगत खाता बही को भी रोज की रोज लिखाने की आदत डालें इसके लिए अपने अकाउंटेंट को कहे तथा अपनी ऑडिट वाली टीम को भी कहे की इसकी भी रिपोर्ट देवे।
e. अपने कंप्यूटर को भी महीने में कम से कम एक बार चेक करने की आदत डालें। व्यर्थ की फाइलों को हटाए व्यर्थ के हिसाब को भी हटाए समय-समय पर प्रॉपर फॉर्मेट कराएं सही ढंग से फॉर्मेट करने का तरीका सीख ले व्यर्थ की पेन ड्राइव फ्लॉपी आदि ना रखें समय-समय पर इनको भी चेक करना सीख लें!
(अगर कोई कंप्यूटर पुराना हो गया हो और काम नहीं आ रहा तो उसको बेच दे)
f. अपने परिवार में भी समय-समय पर सारी अलमारीयों को चेक करें व्यर्थ के पेपर व्यर्थ के पेन ड्राइव आदि वहां से भी हटा दें याद रखें इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है!
(जिसके ऊपर गुजरती है वही जानता है कि यह कितनी बड़ी और समझदारी की राय है अगर समय पर नहीं समझे तो बहुत बड़ी कीमत दे कर ही इसको समझना पड़ता है)
g. मित्रों जब भी आप कोई मूल्यवान संपति खरीदें जैसे कार ज्वेलरी चांदी सोफा जमीन या जायदाद आदि तो उसका बिल वह भुगतान करने का सबूत बैंक पासबुक या स्टेटमेंट एवं जिसको भुगतान किया है उसकी रसीद एक अलग फाइल में डालने की आदत डाल दे! उस फाइल में चाहे 10 साल पुराना भी बिल हो उसी में पड़ा रहने दे जब भी आयकर का छापा पड़ता है तो हर संपत्ति का जवाब देना पड़ता है!
(अगर कोई संपति 6 साल पहले से खरीदी हुई है तो उसका कोई हिसाब नहीं देना पड़ता लेकिन यह साबित करना पड़ता है की इसे 6 साल पहले खरीदा गया था इसलिए बिल बहुत आवश्यक है कोई कारण से बिल नहीं मिल रहा है तो अन्य सबूत जैसे नगर निगम की कोई रसीद)
h. इसी प्रकार से आपने कोई आयकर चुकाया है तो उसके चालान की प्रति को एक फाइल में डाले!
(आयकर विभाग आपसे 15 साल पुराना या इससे भी ज्यादा पुराना डिमांड का नोटिस दे सकता है क्योंकि कोई समय सीमा नहीं है अगर आपके पास इसके भुगतान की चालान नहीं है तो आपको मय ब्याज के उसको भरना पड़ेगा)
i. अगर आप किसी फर्म में पार्टनर है या डायरेक्टर है और अब आपका उससे संबंध कोई कारण से हट गया है तो आप तुरंत उस से ऑफिशियली अलग हो जाएं। कारण की अगर उसके छापा पड़ेगा तो आप पर भी छापा पड़ेगा। ध्यान रहे ज्यादातर पूरे ग्रुप पर छापा पड़ता है और विभाग इस बात का ध्यान नहीं रखता कि अभी आप उस में एक्टिव नहीं है। इसलिए आप जिस जिस में पार्टनर है या डायरेक्टर है तो आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए उस फर्म ने समय पर आयकर का विवरण भर दिया है तथा आयकर चुका दिया है। उस फर्म की आयकर विवरण, बैलेंस सीट, प्रॉफिट एंड लॉस एकाउंट, उस में विद्यमान खाते की कॉपी आदि अपने पास समय समय पर लेकर रखे।
j. अपने घर पर अनाधिकृत रुप से ब्लू फिल्म या शराब आदि नहीं रखे।
(जब भी आयकर कर का छापा पड़ता है तो विभाग इस का भी ध्यान रखता है और आप को व्यर्थ कानूनी पचड़े में पड़ना पड़ता है)

3. अब कुछ बातें आप के अधिकार के संबंधित :--
👇
a. आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं छापा मारने वालों के आई कार्ड को मांगकर देख कर जांच कर की छापा मारने वाले आयकर अधिकारी ही है
b. आप सर्च वारंट भी देख सकते हैं।
c. शुरू में आप उनकी भी तलाशी ले सकते हैं।
d. महिलाओं की जांच केवल महिला अधिकारी ही कर सकती है!
e. अगर आपको बीमारी से संबंधित कोई प्रॉब्लम खड़ी हो गई है तो आप को यह अधिकार है कि आप डॉक्टर को बुलाएं इससे आपको कोई नहीं रोक सकता।
f. बच्चे समय पर स्कूल जा सकते हैं।
g. आप आयकर अधिकारी को समुचित व्यव्हार करने के लिए टोक सकते हैं।
h. जो भी ज्वैलरी जब्त की जाती है उसकी एक प्रॉपर लिस्ट बनाई जाती है उसको एक या अधिक बॉक्स में सील किया जाता है इस समय आप कृपया ध्यान रखें कि उनको सही ढंग से रखा जा रहा है या नहीं। आपको अधिकार है कि आप कहें कि इनको ठीक ढंग से रखें।
i. ज्वेलरी का जब मूल्यांकन किया जाता है उस समय अगर वह ज्वैलरी आपकी नहीं है है तो आप स्पष्ट कर सकते हैं और अगर आपको ध्यान रहे जिस आदमी की ज्वेलरी है उसका नाम बता सकते हैं!
j. जब भी ज्वैलरी की मूल्यांकन होती है उसमें आप सावधानी बरतें उस समय अगर आप के बयान भी लिए जा रहे हैं तो आप उनको निवेदन कर दें कि एक बार मूल्यांकन का काम हो जाए उसके बाद बयान जारी रख सकते हैं!
k. जो ज्वैलरी जब्त की गई है उसके ऊपर आप भी हस्ताक्षर या अपनी कोई सील लगा सकते हैं!

4. क्या-क्या जब्त किया जा सकता है :--
👇
a. अघोषित रोकड़, ज्वेलरी, लॉकर, प्रोमिजरी नोट्स, चेक्स, ड्राफ्ट आदि
b. बुक्स ऑफ एकाउंट्स डायरी लूज पेपर रजिस्टर
c. कंप्यूटर हार्ड डिस्क पेन ड्राइव फ्लॉपी आदि
d. संपत्ति से संबंधित कागजात आदि

5. क्या-क्या नहीं जब्त किया जा सकता :--
👇
a. प्रत्येक शादीशुदा महिलाओं पर 500 ग्राम अविवाहित पर 250 ग्राम मेल सदस्य के लिए 100 ग्राम तक की ज्वैलरी
b. स्थाई संपत्ति जैसे की घर जायदाद या ऑफिस या फैक्ट्री
c. स्टॉक जो की व्यवसाय के संबंधित है
d. वह संपत्ति जो घोषित है आयकर विवरण में या बुक्स ऑफ एकाउंट्स में या वेल्थ टैक्स के रिटर्न में!

याद रखें -
"सावधानी ही बचाव है"

'जनहित में प्रेषित'

निर्मल कुमार वैद
(प्राधिकृत मूल्यकर्ता)
आयकर विभाग
वित् मंत्रालय, भारत सरकार

19/01/2016

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Mazra Road
Shamli
247776

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7830518042

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