29/08/2026
मुनाफा कमाने की लालसा जब इंसान की सेहत से बड़ी हो जाए तो मिलावट खोरी जैसा गोरख धंधा आसमान की तरफ ऊंचे ऊंचे पहाड़ों की तरह बढ़ने लगता है,बस वही हाल दूध का हो रखा है,,,!!
शुद्ध दूध हर नागरिक का अधिकार है और उसकी सुरक्षा सरकार हो,,या व्यवसायी हो,,या उपभोक्ता हो तीनों की एक मिलीभगतिय जिम्मेदारी बनती है लेकिन यहां सब कही ना कही गैर जिम्मेदार है,,
जब तक मिलावट को सामाजिक अपराध मानकर उसके खिलाफ सामूहिक आवाज़ नहीं उठेगी तब तक यह समस्या बनी रहेगी,,दिन प्रति दिन यूंही बढ़ती रहेगी,,,!!
दूध में मिलावट सिर्फ दूध को खराब नहीं करती यह आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य में जहर घोलती है,,इसलिए शुद्ध दूध की मांग करना केवल उपभोक्ता की पसंद नहीं बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण की जिम्मेदारी है,,,!!
लेकिन शुद्ध दूध की मांग करे कोण,,इस जिम्मेदारी को निभाए कोण,,,मिलावट को रोककर ईमानदारी की मिशाल बने कोण,,,मिलावट को रोकने के लिए सिस्टम में बदलाव करे कोण,,????