23/07/2025
आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तिथि नजदीक, याद रखें ये 5 महत्वपूर्ण बातें
इनकम टैक्स रिटर्न 2024-25: 15 सितंबर 2025 तक करें ITR फाइल, नहीं तो होगा पेनाल्टी
ITR फाइलिंग: ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 में कौन सा फॉर्म चुनें? जानें पूरी डिटेल
आयकर विभाग ने ITR-2 और ITR-3 के एक्सेल यूटिलिटीज जारी किए, अब कैपिटल गेन और क्रिप्टो इनकम वाले भी कर सकते हैं रिटर्न फाइल
नई दिल्ली: इस साल आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2025 तक बढ़ा दी गई है। हर साल यह डेडलाइन 31 जुलाई होती है, लेकिन इस बार इसे डेढ़ महीने का विस्तार दिया गया है। अब केवल दो महीने शेष हैं, इसलिए टैक्सपेयर्स को समय रहते अपना रिटर्न फाइल कर लेना चाहिए।
ITR फाइल करते समय ध्यान रखें ये 5 बातें
1. सही ITR फॉर्म का चुनाव
ITR-1 (सहज फॉर्म): सैलरीड व्यक्ति जिनकी आय ₹50 लाख से कम है, एक हाउस प्रॉपर्टी से इनकम, ₹1.25 लाख तक का कैपिटल गेन और FD/डिविडेंड इनकम।
ITR-2: सैलरी ₹50 लाख से अधिक, एक से ज्यादा प्रॉपर्टी, ₹5000 तक की एग्रीकल्चर इनकम, कैपिटल गेन और अन्य स्रोतों से आय वाले लोगों के लिए।
ITR-3: बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम वाले व्यक्ति और HUF के लिए।
ITR-4 (सुगम): प्रेजम्प्टिव टैक्सेशन (सेक्शन 44AD, 44ADA, 44AE) के तहत बिजनेस करने वालों के लिए।
2. डिडक्शन का सही दावा
आयकर विभाग ने हाल ही में गलत डिडक्शन (जैसे सेक्शन 80C, 80D, 80G, 10(13A) आदि) का दावा करने वालों पर कार्रवाई की है। सुनिश्चित करें कि आप केवल वैध कटौती ही क्लेम करें।
3. टैक्स एक्सपर्ट की सलाह लें
कॉम्प्लेक्स केसेस में टैक्स कंसल्टेंट की सलाह लेना बेहतर होता है, खासकर अगर आपके पास कैपिटल गेन, क्रिप्टो इनकम या बिजनेस इनकम है।
4. पुराना या नया टैक्स रेजिम?
पुराना रेजिम: अगर आप डिडक्शन (जैसे HRA, 80C, 80D) का भरपूर लाभ लेना चाहते हैं।
नया रेजिम: अगर कम डिडक्शन है और सरल टैक्स स्लैब चाहिए।
टैक्स कैलकुलेटर की मदद से दोनों रेजिम में टैक्स की तुलना करें।
5. फॉर्म 16 और फॉर्म 26AS को क्रॉस-वेरीफाई करें
फॉर्म 26AS में TDS/TCS की जानकारी चेक करें और फॉर्म 16 से मिलान करें। कोई डिस्क्रेपेंसी हो तो तुरंत सुधार करें।